यादें

न रोया कर तू इस तरह,
तेरी आँखे सूझ सी जाती है।

वक़्त जैसे बदलना भूल जाती है
समय भी थम सी जाती है।।

हर पल एक खाव्ब टूट जाते है
तेरे रोने से जाना हम भी चुप से हो जाते है।।

एक पल में तेरी चहरे की हँसी गुम सी जाती है
अरमानो के मोती बिखर से जाते है।।

रोता तो मेरा मन भी तुझे उदास देख कर
हँसी भी मुझसे रूठ सी जाती है।।

पर हमें तो ज़िंदा रहना है ,
बस तुझे खुश रखना है।।

शायद इसी वजह हम रो नहीं पाते।
चाह कर भी हम सो नहीं पाते।।

तुझे हँसाने के लिए खुद का दर्द छुपा लेते।
न चाहते हुए भी थोडा मुस्कुरा लेते है ।।

कर तू मुझसे वादा न छोड़ेगी तू मेरा हाथ।
ज़िन्दगी के हर मोड़ में होगा तू देगी मेरा साथ।।

साथ मिल कर यु बदल जायगी हमारी दुनिया।।
लौटेंगे न फिर हमारे बढे हुए कदम ।।