“सौरव चण्डीदास गांगुली”, दी मैन हु चेंज्ड इंडियन क्रिकेट

“सौरव चण्डीदास गांगुली”, दी मैन हु चेंज्ड इंडियन क्रिकेट

पहली बार विदेशी कोच लाया गया, युवा टीम बनाने पर जोर दिया गया और उस युवा टीम को मिला एक युवा कप्तान, वो पुर्व विश्व विजेता टीम जो दुसरो को हराने और खुद जीतने का खुब्बत रखती है उसे उस खुब्बत से भी बड़ा बनाने के लिए उसने जो कदम उठाये उसके कारण उसे ‘दादा’ कहा जाने लगा । दादागिरी भी ऐसी के माशाअल्लाह राहुल द्रविड़ नाम के लड़के को 7 वे बैट्समैन-विकेट कीपर बनवाने के लिए भीड़ गया, वीरेन्द्र सहवाग से ओपनिंग करवा डाली, अनिल कुंबले को सबसे तगड़ी टीम का सबसे बड़ा स्पिनर बनाया और जिसकी टीम में क्रिकेट के भगवान खेले !

 

वो दौर जब भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के कलंक से जूझ रहा था उस दौर में अपने कप्तानी करियर की शुरुआत की ! दादा पर एक बुकी ने यहाँ तक कह डाला कि ”

No one had the guts to approach Sourav Ganguly for match-fixing”

 

jfxjstक्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में डेब्यू किया, वर्ल्डकप के नॉकऑउट में शतक मारने वाले पहले बल्लेबाज बने, नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में शर्ट उतार के लहराया और गर्दा उड़ा दिए , सचिन के साथ रिकॉर्ड ओपेनिंग साझेदारियां की वो भी टेक्निकल कारण से क्रिटिक्स के निशाने में रहने के बाद भी !

 

क्रिकेट में धोनी और गांगुली की तुलना होती रहेगी पर ये बात सौ टका सच है कि सौरव ने हमें लड़ना सिखाया, विश्व विजेता टीम बनायीं और धोनी ने उसपे सफलता दिलाई ! श्री श्री 1983 कपिल देव लिखते है कि “it was due to Ganguly that India won the 2011 ICC World Cup” । ये कहना सही होगा कि गांगुली बेस्ट इंडियन क्रिकेट कैप्टन थे और धोनी बेस्ट इंडियन क्रिकेट टीम के ।

 

The Comeback King, The God of Off-Side और The Prince of Kolkata वो लफ्ज़ है जो सिर्फ एक शख्श नहीं शख्शियत को बताते है और CURYLOG मोहल्ला इस शख्श को सलाम ठोकता है !

 

~ हरिशंकर देवांगन की दुनियादारी 

Shattered

Shattered on the floor

Collecting all her broken pieces

She cannot take it anymore

Left with no other choices

Crying all by herself in midnight

Cuddled in her own arms for warmth

Screaming all the voices in her head

Nobody can listen but her soul

No-one sees the sorrow

in her smile

She walked bare foot

more than a mile….all alone

Tears burning down her pillow

Bearing the heat is the only way she knows

Could not show the world

what is in her mind

Because she has been like this and cannot rewind.

I am in LOVE!!

I am in Love,

It is a strange feeling.

Seeing her face,

From the only creepy crevice.

I feel suffocated,

Inside the vacuum with a crack

But,

She overpowers this suffocated ness.

I feel lucky,

Seeing her from the crack

The only crack in my captor.

They say it is a ventilator,

To bring in air;

I know it is funny.

But it is only me,

Who laughs off it.

And they laugh at me.

They bring in food,

Two times. That is the only time,

The filthy world comes to me.

Every day a familiar-different face,

Cursing me.

I don’t know why?

They say I murdered my wife,

I don’t know if that is true.

Anyway, I thank them.

They shut me in,

& now I am in love.

Every dusk I get excited,

I manage to get to black hole,

The black hole to heaven, to my love.

Yes, she is my heaven.

Now here I am standing, staring.

Facing my love.

I don’t know if she is seeing me,

I don’t care.

I just want to stare,

& just stare.

She is beautifully  dark,

With a peaceful  face.

The face is embedded,

With wrinkles,

Glowing wrinkles.

Perfectly created. They say it was GOD.

I thank him.

I don’t know if she is pretty.

She  certainly is beautiful.

Her silver wrinkles scattered untidily,

Over her dark face.

As if moving.

Yes, She is BEAUTIFUL.

An expanse of pure black serenity,

Breathing peace and contentment.

She comes and waits,

For long hours.

I pray: Her wait lasts long every day.

My wish gets fulfilled.

Every dusk,

She comes and waits and waits.

They say her name’s NIGHT.

I am in LOVE with NIGHT.

And, they say I’m MAD.

I don’t know what I am,

Or who really am I.

I don’t care b’cuz

I am In LOVE.

सोनम गुप्ता, बेवफाई और दुनियादारी

आज कल देश में बस दो ही नाम सुनाई दे रहे है, “नरेंद्र मोदी” और “सोनम गुप्ता”, नोटबंदी के इस मौसम में एक ने खूब रुलाया है और दूसरी ने खूब हंसाया है, बैंक और एटीएम की लाइन में घंटो लगे लोग जब कुछ नहीं होता तो अपने मोबाइल में इनके पोस्ट देख कर ही टाइमपास कर रहे है!

14980758_1266118016765523_9040683860876412920_nसोनम गुप्ता ने अपनी बेवफाई के जरिये मानो “एंजल प्रिया” को रिप्लेस ही कर दिया है ! भाई बेवफाई है ही ऐसा इंटरेस्टिंग कॉन्सेप्ट क्योकि इसमें आप बेवफा हैं या नहीं ये तय करने का हक़ आपको नहीं होता ! कोई आपको कह देता है और हो जाते हो,, हाँ अगर किस्मत और ज्यादा ख़राब हुई तो नोट, सुलभ शौचालयों और ट्रैन के डिब्बो में भी आपका नाम आ सकता है ! अब लेटेस्ट वाला ही एग्जाम्पल ले लो, पता नहीं देश के किस कोने में किसी सोनू , पप्पू , छोटू , अकरम , जोनी , पिन्टू , साहिद के साथ साहिबा ने बेवफाई की और अपना नाम देश ही नहीं विदेशी नोटों में छपवा कर अमर करवा लिया !
दिव्य प्रकाश दुबे जी लिखते है कि “तुम शादी से पहले सिर्फ़ और सिर्फ़ सोनम थी, गुप्ता तो तुम  गुप्ता जनरल स्टोर वाले के लौंडे से शादी करके हुई थी।” ये लॉजिक भी प्रैक्टिकली सही है पर वो प्यार, प्यार नहीं  बेवफाई था !
सोनम गुप्ता की बेवफाई मानों देश के मर्दों को एक ऐसी कॉमन बेवफाई के प्रति एकजुट कर रही हो, जो लड़कियां करती ही करती हैं. लड़कों को सोनम गुप्ता में या तो अपनी एक्स नजर आ रही है, या वो लड़की जिसने कभी उनकी प्यार भरी कोशिशों का जवाब नहीं दिया !
मुझे दुःख जरूर होगा, पर यकीन मानिए, हैरत नहीं होगी अगर कल न्यूज़ में सुनने को मिले कि फलां शहर में रहने वाली सोनम गुप्ता नाम की लड़की ने सुसाइड कर लिया है, क्योंकि सब उसे बेवफा-बेवफा कहकर परेशान करते थे !

लेख साभार :- प्रतीक्षा पीपी , ‘द लल्लनटॉप’ वाली

pic courtesy :- AIB (All India Bakchod)

बिना तेरे माँ

बिना तेरे माँ

तुझसे मिलकर मैं पहली बार हँसा

बिना तेरे मैं मैंने सिखा रोने।।

तूने मेरे खाव्बो को पंख दिए

माँ

बिना तेरे दुनिया ने दुःख क्या कम दिए

मैं ही था एक नादाँन परिंदा

बिना तेरे दुनिया में ख़ुशी ढूंढी थी।।

आज भी पछताता हु  मैं अपनी उस गलती पे

निकाल बहार किया जो तुझे किया घर से।।

न पछताया न घबराया अपने उस फैसले से।।

डर न लगा तुझसे दूर होने के फैसले से।।

आज पछताता हु माँ जब भी तेरा चेहरा सामने आता है।।

वो तबाही का मंजर मुझे हर वक़्त सताता है।।

माफ़ करना माँ मुझे ,मेरे इस गलती के लिए

गम में कटे तेरे उस पल के लिए।।

शायद मेरे विचारो में कोई कमी थी।।

बिना तेरे न मेरी ज़िन्दगी थी ,न है , न रहेगी।।